Politics – Khabar Danadan https://khabardanadan.com National News Portal Tue, 11 Aug 2026 06:12:54 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://khabardanadan.com/wp-content/uploads/2024/11/favicon-150x150.jpg Politics – Khabar Danadan https://khabardanadan.com 32 32 पीएम मोदी समेत NDA सांसदों ने लहराया तिरंगा, झारखंड छात्र प्रदर्शन पर संसद में प्रदर्शन https://khabardanadan.com/nda-mps-including-pm-modi-waved-tricolor-in-parliament-on-jharkhand-student-protest/ https://khabardanadan.com/nda-mps-including-pm-modi-waved-tricolor-in-parliament-on-jharkhand-student-protest/#respond Tue, 11 Aug 2026 06:12:54 +0000 https://khabardanadan.com/nda-mps-including-pm-modi-waved-tricolor-in-parliament-on-jharkhand-student-protest/

‘वंदे मातरम’ के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम

नई दिल्ली। संसद सत्र के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों की मंगलवार को अहम बैठक हुई। संसद पुस्तकालय में आयोजित ‘मंगल मिलन’ बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष के साथ हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत NDA के कई नेता हाथों में तिरंगा लिए नजर आए।

बैठक के बाद NDA सांसदों ने संसद परिसर में झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया। सांसदों ने आरोप लगाया कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है। इस मुद्दे को संसद में भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी है।

छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की तैयारी

NDA सांसद संसद में पोस्टर के साथ पहुंचने की तैयारी में हैं। इन पोस्टरों के जरिए सरकार की ओर से छात्रों के प्रदर्शन पर चर्चा की मांग और विपक्ष के रुख को लेकर सवाल उठाए जाएंगे। साथ ही झारखंड सरकार पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया जाएगा।

NDA सांसदों का कहना है कि सरकार महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष की ओर से लगातार हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। ऐसे में सत्ता पक्ष की रणनीति संसद में विपक्ष को इन मुद्दों पर घेरने की है।

पिछली बैठक में सरकार की उपलब्धियों पर हुई थी चर्चा

इससे पहले पिछले सप्ताह हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद भाजपा सांसदों ने सरकार के कामकाज और विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का जिक्र किया था। बैठक में रोजगार, आर्थिक विकास, खेल, गरीबी उन्मूलन और संसद की कार्यवाही जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने दावा किया था कि भारत तेजी से आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रोजगार की स्थिति में सुधार और बेरोजगारी में कमी का जिक्र करते हुए कहा था कि बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

वहीं, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के बजाय विपक्ष हंगामा कर रहा है। बैठक में सांसदों से सदन की कार्यवाही के दौरान नियमित रूप से उपस्थित रहने और जरूरी विधेयकों को पारित कराने में सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया गया था।

क्या है ‘मंगल मिलन’ बैठक?

‘मंगल मिलन’ NDA संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीतिक बैठक का नया स्वरूप है। इसका मुख्य उद्देश्य गठबंधन के घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और संसद की कार्यवाही को लेकर साझा रणनीति तैयार करना है।

संसद सत्र के दौरान इस बैठक में आगामी कार्यवाही, महत्वपूर्ण मुद्दों और सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की जाती है। साथ ही सहयोगी दलों के सांसदों के बीच तालमेल और सदन में उनकी भूमिका को लेकर भी रणनीति बनाई जाती है।

बैठक में भाजपा के अलावा शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP), तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जनता दल यूनाइटेड (JDU) समेत NDA के विभिन्न सहयोगी दलों के नेता हिस्सा लेते हैं। इसका उद्देश्य गठबंधन के सांसदों को एक साझा रणनीति के तहत संसद में प्रभावी तरीके से अपनी बात रखने के लिए तैयार करना है।

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महिला आरक्षण कानून पर फिर गरमाई सियासत, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा https://khabardanadan.com/politics-heats-up-again-on-womens-reservation-act-rahul-gandhi-cornered-the-government/ https://khabardanadan.com/politics-heats-up-again-on-womens-reservation-act-rahul-gandhi-cornered-the-government/#respond Sat, 08 Aug 2026 10:04:37 +0000 https://khabardanadan.com/politics-heats-up-again-on-womens-reservation-act-rahul-gandhi-cornered-the-government/

राहुल गांधी बोले- कानून लागू करने में देरी क्यों?

नई दिल्ली। महिला आरक्षण कानून को लागू करने को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच सियासी तकरार एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पहले ही महिला आरक्षण कानून का समर्थन कर चुकी है। उन्होंने केंद्र से सवाल किया कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले कानून को लागू करने में देरी क्यों हो रही है और इसे लोकसभा परिसीमन से जोड़ने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ संसद में कांग्रेस के समर्थन से पारित हुआ था। ऐसे में अब इसे लागू करने के लिए किसी नई शर्त की जरूरत नहीं होनी चाहिए। राहुल ने सरकार से कानून को बिना शर्त लागू करने की मांग की।

रिजिजू ने कांग्रेस से मांगा था समर्थन

दरअसल, यह विवाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान के बाद सामने आया। राहुल गांधी ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि महिलाओं की आवाज और उनकी भागीदारी के बिना देश का विकास अधूरा रहेगा।

राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने इसे कांग्रेस की ओर से सकारात्मक संदेश बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव दिखाई दे रहा है। इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस से महिला आरक्षण विधेयक को बिना शर्त समर्थन देने की चुनौती भी दी।

कांग्रेस की आपत्ति किस बात पर है?

कांग्रेस और विपक्षी दल महिला आरक्षण के प्रावधान का समर्थन करते रहे हैं, लेकिन परिसीमन के साथ इसे जोड़ने का विरोध करते हैं। विपक्ष की दलील है कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने को लोकसभा सीटों के परिसीमन की प्रक्रिया पर निर्भर नहीं किया जाना चाहिए।

परिसीमन के जरिए लोकसभा की सीटों की संख्या और उनके क्षेत्र का पुनर्निर्धारण किया जाना प्रस्तावित है। विपक्ष चाहता है कि महिला आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया से अलग रखते हुए इसे जल्द लागू किया जाए।

2023 में संसद से पारित हुआ था कानून

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। इस कानून में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। हालांकि, इसके प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया परिसीमन और उससे जुड़ी संवैधानिक प्रक्रिया से संबद्ध है।

दिए गए विवरण के मुताबिक, 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान संशोधन से जुड़ा एक विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। इसके चलते कानून को लागू करने की आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

अब राहुल गांधी के बयान के बाद महिला आरक्षण कानून का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस जहां इसे बिना शर्त लागू करने की मांग कर रही है, वहीं केंद्र और विपक्ष के बीच परिसीमन को लेकर मतभेद बने हुए हैं।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भाजपा पर तीखा हमला, विभाजन की राजनीति का लगाया आरोप https://khabardanadan.com/west-bengal-chief-minister-mamata-banerjee-launches-a-scathing-attack-on-the-bjp-accusing-it-of-divisive-politics/ https://khabardanadan.com/west-bengal-chief-minister-mamata-banerjee-launches-a-scathing-attack-on-the-bjp-accusing-it-of-divisive-politics/#respond Tue, 14 Apr 2026 09:56:42 +0000 https://khabardanadan.com/?p=15539

जनता के समर्थन से एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी तृणमूल कांग्रेस- ममता बनर्जी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष पर राज्य में विभाजन की राजनीति करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।

ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी “मां-माटी-मानुष” सरकार जनता के समर्थन से एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे तृणमूल कांग्रेस को चौथी बार मौका दें। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में राज्य ने जो प्रगति की है, वह आम जनता के सहयोग का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ शक्तियां पश्चिम बंगाल के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह राज्य और यहां के लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेंगी।

इसके साथ ही उन्होंने सभी समुदायों से एकजुट होकर “बांग्ला-विरोधी ताकतों” का मुकाबला करने की अपील की। उन्होंने मतदाताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में मतदान करने का आग्रह भी किया।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होने हैं, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है, जहां सत्तारूढ़ पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार जीत हासिल करने की कोशिश में है, वहीं भारतीय जनता पार्टी भी सत्ता में आने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

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‘मुस्लिम-विरोधी’ आरोपों पर ई. के. पलानीस्वामी का पलटवार, डीएमके की नीतियों पर उठाए सवाल https://khabardanadan.com/e-k-palaniswami-hits-back-at-anti-muslim-allegations-questions-dmks-policies/ https://khabardanadan.com/e-k-palaniswami-hits-back-at-anti-muslim-allegations-questions-dmks-policies/#respond Sat, 04 Apr 2026 06:30:04 +0000 https://khabardanadan.com/?p=15294

महिला योजना से लेकर पेंशन तक, ई. के. पलानीस्वामी ने गिनाईं सरकार की कमियां

वेल्लोर। तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। ई. के. पलानीस्वामी ने एम. के. स्टालिन पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी सरकार और नीतियों पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर अल्पसंख्यकों और शासन व्यवस्था को लेकर दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

अन्नाद्रमुक के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने द्रमुक प्रमुख और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी को भाजपा से गठबंधन के आधार पर ‘मुस्लिम-विरोधी’ बताना पूरी तरह राजनीतिक रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक ने अल्पसंख्यकों के भरोसे को तोड़कर सत्ता हासिल की है।

पलानीस्वामी ने तिरुनेलवेली की एक घटना का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक पुलिस उप-निरीक्षक ने अपनी सुरक्षा को लेकर शिकायत की थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या यही अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मॉडल है।

अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए ई. के. पलानीस्वामी ने कहा कि अन्नाद्रमुक सरकार ने मुसलमानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की थीं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि द्रमुक ने भी पहले भाजपा के साथ गठबंधन किया था, ऐसे में अब उनके आरोप राजनीतिक द्वंद्व का हिस्सा हैं।

चुनावी रैली के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के बयानों को अहंकारपूर्ण बताते हुए कहा कि द्रमुक को अपने पिछले चुनावी प्रदर्शन पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने 2011 से 2021 के बीच अन्नाद्रमुक की चुनावी सफलताओं का जिक्र करते हुए अपनी पार्टी की मजबूती पर जोर दिया।

इसके साथ ही पलानीस्वामी ने द्रमुक सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों, कर्मचारियों और अन्य वर्गों से किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। पुरानी पेंशन योजना और अन्य घोषणाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।

महिलाओं को दी जाने वाली मासिक सहायता योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि यह फैसला भी अन्नाद्रमुक के दबाव के कारण लागू किया गया। कुल मिलाकर, तमिलनाडु की राजनीति में दोनों दलों के बीच टकराव और बयानबाजी आने वाले चुनावों से पहले और तेज होने के संकेत दे रही है।

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नीतीश कुमार का बड़ा फैसला, एमएलसी पद से दिया इस्तीफा https://khabardanadan.com/nitish-kumars-major-decision-resigns-from-mlc-post/ https://khabardanadan.com/nitish-kumars-major-decision-resigns-from-mlc-post/#respond Mon, 30 Mar 2026 07:29:02 +0000 https://khabardanadan.com/?p=15123

पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नीतीश कुमार ने विधान परिषद (एमएलसी) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें 14 दिनों के भीतर एक सदन की सदस्यता छोड़ना अनिवार्य था, जिसकी समयसीमा आज समाप्त हो रही थी।

मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार करते हुए विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि त्यागपत्र मात्र 29 शब्दों में लिखा गया था। मंत्री विजय कुमार चौधरी और एमएलसी संजय गांधी इस्तीफा लेकर पहुंचे थे।

हालांकि, नीतीश कुमार फिलहाल बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सियासी हलकों में अटकलें तेज हैं कि राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद वे यह पद भी छोड़ सकते हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होगा।

इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि बिहार में जल्द नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। 2005 से सत्ता में सहयोगी रही भाजपा को इस बार मुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सीएम रेस में आगे सम्राट चौधरी
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। पार्टी में उनका तेजी से उभार और कुशवाहा समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ उनके पक्ष में मानी जा रही है।

नित्यानंद राय भी दावेदार
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल है। हालांकि उनका यादव समुदाय से होना, जो पारंपरिक रूप से राष्ट्रीय जनता दल के साथ जुड़ा रहा है, उनके लिए चुनौती बन सकता है।

फिलहाल भाजपा और जदयू की ओर से मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में हलचल और तेज होने की संभावना है।

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लोगों के मतदान का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही केंद्र सरकार- ममता बनर्जी https://khabardanadan.com/the-central-government-is-trying-to-snatch-away-peoples-right-to-vote-mamata-banerjee/ https://khabardanadan.com/the-central-government-is-trying-to-snatch-away-peoples-right-to-vote-mamata-banerjee/#respond Wed, 25 Mar 2026 08:35:08 +0000 https://khabardanadan.com/?p=14993

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर बोला जोरदार हमला

कोलकाता/मयनागुड़ी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए मयनागुड़ी से भाजपा और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। अपनी पहली जनसभा में उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

ममता बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका जताई जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संविधान के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने नागरिकता और पहचान के मुद्दे को भी उठाते हुए पूछा कि किस आधार पर किसी को वैध मतदाता माना जाएगा। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि लोगों के वोट देने के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और भविष्य में एनआरसी जैसे कदमों के जरिए नागरिकता पर भी असर पड़ सकता है।

रैली के दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा को बंगाल विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में बंगालियों के साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने असम में नामांकन रद्द होने के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रत्याशी नामांकन के समय कानूनी तैयारी के साथ जाएं।

उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन चुनाव के बाद जनता को निराश करती है। ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों से सतर्क रहने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।

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बंगाल में नहीं चलेगी विभाजन की राजनीति- ममता बनर्जी https://khabardanadan.com/the-politics-of-division-will-not-work-in-bengal-mamata-banerjee/ https://khabardanadan.com/the-politics-of-division-will-not-work-in-bengal-mamata-banerjee/#respond Sat, 21 Mar 2026 06:09:22 +0000 https://khabardanadan.com/?p=14886

राज्य में किसी भी नागरिक का वोट देने का अधिकार छीना नहीं जाएगा- ममता बनर्जी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच ईद के मौके पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी नागरिक का वोट देने का अधिकार छीना नहीं जाएगा और इसके खिलाफ उनकी पार्टी पूरी ताकत से संघर्ष करेगी।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में बदलाव के जरिए लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत है और इसे कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि यह प्रक्रिया खासतौर पर कुछ क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदमों का कड़ा विरोध किया जाएगा।

अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक एकता पर भी जोर देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल हमेशा से भाईचारे और सौहार्द की मिसाल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में धर्म और जाति के नाम पर विभाजन की राजनीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी ईद के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी और देश की असली ताकत आपसी भाईचारा है।

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नागरिकता के नाम पर मतुआ समुदाय को अनिश्चितता और भ्रम में धकेल रही केंद्र सरकार- ममता बनर्जी https://khabardanadan.com/in-the-name-of-citizenship-the-central-government-is-pushing-the-matua-community-into-uncertainty-and-confusion-mamata-banerjee/ https://khabardanadan.com/in-the-name-of-citizenship-the-central-government-is-pushing-the-matua-community-into-uncertainty-and-confusion-mamata-banerjee/#respond Thu, 05 Mar 2026 06:46:05 +0000 https://khabardanadan.com/?p=14403

नागरिकता मुद्दे पर ममता बनर्जी ने कहा– पीढ़ियों से देश के नागरिक हैं मतुआ लोग

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर मतुआ समुदाय को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नागरिकता के मुद्दे पर केंद्र की नीतियों से मतुआ समुदाय के लोगों में असमंजस और असुरक्षा की स्थिति पैदा हो रही है। मतुआ समुदाय की आध्यात्मिक नेता बिनापानी देवी ‘बरोमा’ की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वर्षों से देश में रह रहे लोगों की नागरिकता पर सवाल खड़ा करना उचित नहीं है।

कई पीढ़ियों से देश के नागरिक हैं मतुआ समुदाय के लोग
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मतुआ समुदाय के लोग कई पीढ़ियों से भारत में रह रहे हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेते आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकता के नाम पर उन्हें अनिश्चितता और भ्रम की स्थिति में डालने की कोशिश की जा रही है। बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने जैसी प्रक्रियाओं के जरिए समुदाय को परेशान किया जा रहा है।

अधिकारों से समझौता नहीं करेगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार मतुआ समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार से समुदाय के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ऐसे हर कदम का विरोध करेगी जो बंगाल के लोगों के हितों के खिलाफ होगा।

बरोमा से रहा विशेष जुड़ाव
ममता बनर्जी ने कहा कि बिनापानी देवी के साथ उनका व्यक्तिगत और आध्यात्मिक संबंध रहा है और उन्हें उनका मातृस्नेह प्राप्त हुआ था। उन्होंने बरोमा के सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर समानता और भाईचारे के मूल्यों को आगे बढ़ाने का काम किया।

समुदाय के विकास के लिए कई पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने मतुआ समुदाय के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें मतुआ विकास बोर्ड की स्थापना और उत्तर 24 परगना के ठाकुरनगर में हरिचंद-गुरुचंद विश्वविद्यालय की स्थापना जैसे कदम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी समुदाय के सामाजिक और शैक्षिक विकास के लिए काम करती रहेगी।

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डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना https://khabardanadan.com/donald-trumps-statement-sparks-political-controversy-congress-targets-central-government/ https://khabardanadan.com/donald-trumps-statement-sparks-political-controversy-congress-targets-central-government/#respond Sat, 28 Feb 2026 09:05:50 +0000 https://khabardanadan.com/?p=14353

जयराम रमेश ने कहा- ट्रंप का यह रुख पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष समर्थन देने जैसा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक

नई दिल्ली। अमेरिका की राजनीति से जुड़े हालिया बयान ने भारत की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान की तारीफ और अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दों पर उसके समर्थन की बात कहे जाने के बाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर कड़ा हमला बोला है।

कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को भारत की विदेश नीति के लिए झटका बताते हुए कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की कूटनीतिक स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बयान जारी कर कहा कि ट्रंप का यह रुख पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष समर्थन देने जैसा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की कूटनीति अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही है। उनके अनुसार, आर्थिक समझौतों में भारत को अपेक्षित लाभ नहीं मिला, जबकि अमेरिका को अधिक फायदे मिले हैं। साथ ही, हाल के व्यापारिक फैसलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाना भी इसी असंतुलन को दर्शाता है।

रणनीतिक मोर्चे पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति को मजबूत करने के बजाय, कुछ बयानों और घटनाओं ने भारत-पाकिस्तान को एक ही नजरिये से देखने की धारणा को बढ़ावा दिया है।

यह विवाद उस समय और गहरा गया जब ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के साथ अपने अच्छे संबंधों का जिक्र किया और वहां के नेतृत्व की सराहना की। इस बयान के बाद भारत में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

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एआई समिट के दौरान यह प्रदर्शन अचानक नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत किया गया- संबित पात्रा https://khabardanadan.com/this-demonstration-during-the-ai-summit-was-not-done-suddenly-but-as-per-a-complete-plan-sambit-patra/ https://khabardanadan.com/this-demonstration-during-the-ai-summit-was-not-done-suddenly-but-as-per-a-complete-plan-sambit-patra/#respond Fri, 20 Feb 2026 11:07:53 +0000 https://khabardanadan.com/?p=14118

भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदर्शन पर बवाल, भाजपा ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला 

नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे एआई शिखर सम्मेलन के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस घटना के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन अचानक नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत किया गया था। उनका कहना है कि इसमें शामिल लोग पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी थे, जिन्होंने पहले से रजिस्ट्रेशन कर कार्यक्रम स्थल में प्रवेश लिया और बाद में विरोध प्रदर्शन किया। पात्रा ने दावा किया कि इस पूरी घटना की रणनीति शीर्ष स्तर पर तैयार की गई थी।

भाजपा ने इस घटना को देश की छवि से जोड़ते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधा। पार्टी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे कदम अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं। भाजपा के अनुसार, जब देश वैश्विक स्तर पर तकनीकी नेतृत्व को प्रदर्शित कर रहा है, तब इस तरह के विरोध से गलत संदेश जाता है।

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस समय दुनिया भारत की तकनीकी प्रगति को देख रही थी, उस समय इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय छवि को प्रभावित करने वाले कदम उचित नहीं हैं।

पूरे मामले ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। एक ओर भाजपा इसे देश की छवि से जुड़ा मुद्दा बता रही है, तो वहीं विपक्ष की ओर से इस पर प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। अब देखना होगा कि यह विवाद आने वाले समय में किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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