Khabar Danadan https://khabardanadan.com National News Portal Wed, 22 Jul 2026 11:53:06 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://khabardanadan.com/wp-content/uploads/2024/11/favicon-150x150.jpg Khabar Danadan https://khabardanadan.com 32 32 ‘‘मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘ https://khabardanadan.com/chief-minister-releases-the-book-seva-vidhi/ https://khabardanadan.com/chief-minister-releases-the-book-seva-vidhi/#respond Wed, 22 Jul 2026 11:53:06 +0000 https://khabardanadan.com/?p=18123

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि‘ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने पुस्तक को अत्यन्त उपयोगी बताते हुए इस प्रयास के लिए श्री लोहनी के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में नियुक्त प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का कर्तव्य होता है कि वह सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और पूरे समर्पण के साथ राज्य के विकास में अपनी सहभागिता निभाए। किन्तु किसी भी व्यवस्था को सुचारू, सरल और त्वरित रूप से चलाने के लिए नियमों और प्रक्रियाओं की सही जानकारी होना अनिवार्य है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद अब तक ऐसी कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें सरकारी सेवा से जुड़े नियम, संवैधानिक प्रावधान, शासनादेश और माननीय न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय एक ही स्थान पर सरल और व्यवस्थित रूप में मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मात्र एक पुस्तक नहीं है, बल्कि हमारे प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक व्यवहारिक मार्गदर्शिका है, जो उन्हें अपने सेवाकाल में हर कदम पर सही दिशा और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने का काम करेगी। सरकारी नौकरी को सेवा इसलिए कहा जाता है क्योंकि जब कोई व्यक्ति सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है, तो उसका हर निर्णय सीधे तौर पर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी नागरिक की समस्या का समाधान करता है, किसी गरीब को उसका अधिकार दिलाता है, किसी किसान, महिला, युवा या बुजुर्ग तक सरकारी योजना का लाभ पहुँचाता है, तब वो वास्तव में राष्ट्रसेवा ही कर रहा होता है। इसीलिए एक लोकसेवक के लिए केवल ईमानदारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमों, कानूनों और प्रक्रियाओं की गहरी समझ भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, सेवा नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की स्पष्ट समझ प्रदान करेगी, जिससे वे अधिक आत्मविश्वास और दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज उत्तराखंड तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। हमने शासन व्यवस्था में तकनीक का व्यापक उपयोग किया है, प्रक्रियाओं को सरल बनाया है तथा निर्णय लेने की गति को बढ़ाया है। किसी भी राज्य का विकास केवल योजनाओं या बजट से नहीं होता। उसका सबसे बड़ा आधार होता है, एक संवेदनशील, सक्षम और उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र। सरकार की नीतियाँ तभी सफल होती हैं, जब उन्हें धरातल पर ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाए। इसलिए हमारी प्रशासनिक व्यवस्था जितनी सक्षम होगी, जनता का विश्वास भी उतना ही मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं अनुभव किया है कि कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं, जो नियमों की आत्मा को समझते हैं। वे नियमों को बाधा नहीं बनने देते, बल्कि उन्हीं नियमों के भीतर जनहित का रास्ता खोज लेते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करना ही नहीं, बल्कि जनता का जीवन सरल बनाना है। नियम व्यवस्था बनाए रखने के लिए होते हैं, लेकिन उनका अंतिम उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए। जनता जब किसी समस्या को लेकर अधिकारियों के पास आती है, तो वो बहुत उम्मीद और विश्वास के साथ आती है। ऐसे में आपकी कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि उन्हें त्वरित, सुलभ और पारदर्शी न्याय मिले, क्योंकि हमारी सरकार का मूल मंत्र बिल्कुल स्पष्ट है-‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि‘। हमें हर प्रक्रिया का सरलीकरण करना है, समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना है, फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करना है और जनता के चेहरे पर संतुष्टि लानी है, जिससे हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूर्ण करने में सफल हो सकें।

पुस्तक के लेखक आर.सी. लोहनी ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से सरकारी सेवाओं में संवैधानिक व्यवस्थाओं, अधिनियमों, नियमों, विनियमों एवं शासनादेशों तथा मा. उच्चतम न्यायालय तथा मा० उच्च न्यायालयों द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतो को ध्यान में रखा गया है। इस पुस्तक में मुख्य रूप से संवैधानिक व्यवस्थाओं एवं उनके क्रम में नियुक्ति, आरक्षण, परिवीक्षा, स्थायीकरण, ज्येष्ठता, पदोन्नति स्थानान्तरण, मृतक सरकारी सेवकों के आश्रित एवं सेवायोजन, निलंबन, अनुशासनात्मक कार्यवाही, जांच अधिकारी का दायित्व, शास्ति, शास्ति के विरूद्ध अपील, अस्थाई सरकारी कर्मचारी सेवा समाप्ति त्यागपत्र, स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति. अनिवार्य सेवा निवृत्ति, राज्य कर्मचारी आचरण, सेवानिवृत्ति के उपरांत जाच कार्यवाही, सरकारी सेवा के दौरान किये गये आपराधिक कृत्य पर अभियोजन, अवकाश के सम्बन्ध में नियम, राजभाषा अधिनियम, धारणाधिकार से सम्बन्धित सेवानियमों, नियमों, अधिनियमो तथा विनियमों एवं मा. उच्चतम न्यायालय तथा मा० उच्च न्यायालयों द्वारा समय-समय पर दिये गये निर्णयों का सार इस पुस्तक में सम्मिलित किया गया है, जो कि सरकारी अधिकारियो-कर्मचारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व अपर सचिव भूपेश तिवारी, जी.बी. ओली, रमेशचन्द्र शर्मा , हन्सादत्त पाण्डेय, पूर्व संयुक्त सचिव नवीन सिंह तडानी सहित डॉ. डी.एस. रावत, कर्नल(से.नि.) शिव सहरावत, वैज्ञानिक(से.नि.) पी.सी.वर्मा, उपायुक्त परिवहन सुनील शर्मा, अनुभाग अधिकारी दीपक जोशी, रणधीर अरोड़ा, पूरन सिंह रावत, अश्विनी सिंह नेगी, आर.सी.एस. बिष्ट, विकास श्रीवास्तव एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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विकास कार्यों में देरी पर होगी जवाबदेही तय, जिलाधिकारी ने की जिला योजना की समीक्षा https://khabardanadan.com/accountability-to-be-fixed-for-delays-in-development-works-district-magistrate-reviews-the-district-plan/ https://khabardanadan.com/accountability-to-be-fixed-for-delays-in-development-works-district-magistrate-reviews-the-district-plan/#respond Wed, 22 Jul 2026 11:37:09 +0000 https://khabardanadan.com/?p=18120

धरातल पर दिखने चाहिए विकास के परिणाम; अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध कार्यों के दिए निर्देश

जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित योजनाओं, 20 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा; गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर

पौड़ी। जनपद में विकास योजनाओं को गति देने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित योजनाओं, 20 सूत्रीय कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागवार प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर परिणामोन्मुख कार्य सुनिश्चित करें और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

जिलाधिकारी ने सभी निर्माणदायी विभागों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं की निविदा प्रक्रिया लंबित है, उन्हें तत्काल पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। वर्ष 2025-26 की अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए उनकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने कार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए प्रगति सुनिश्चित करें।

उन्होंने सभी कनिष्ठ अभियंताओं को नियमित फील्ड भ्रमण कर अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचने, स्थानीय समस्याओं का मौके पर समाधान करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में रहकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को भी बड़े निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण कर गुणवत्ता एवं प्रगति की सतत निगरानी करने को कहा।

ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन एवं ग्रामीण विकास विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं का संचालन केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ ग्रामीण उत्पादों के विपणन की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे किसानों, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों की आय में वृद्धि हो सके।

जिलाधिकारी ने अस्पतालों, विद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में बिजली, पेयजल तथा मरम्मत संबंधी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण के दौरान केवल एक ओपरियोजना तक सीमित न रहें, बल्कि क्षेत्र में संचालित अन्य योजनाओं का भी स्थलीय निरीक्षण करें। खेल विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं पेयजल विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर कंडोलिया मैदान तथा रांसी स्टेडियम से संबंधित सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।

ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पंचायतीराज विभाग को प्रमुख ग्रामीण बाजारों में मॉडल सार्वजनिक शौचालय विकसित करने की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र निर्माण प्रारंभ करने को कहा। वहीं उद्योग विभाग को सेवायोजन, कृषि, उद्यान एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उच्च शिक्षण संस्थानों में प्लेसमेंट ड्राइव, रोजगार परामर्श एवं कौशल विकास कार्यक्रमों का रोस्टर तैयार कर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिला योजना की प्रथम किश्त 32 विभागों को अवमुक्त कर दी गई है, जिससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी ने पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की भी विशेष समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, पेयजल निगम, ग्रामीण निर्माण विभाग सहित सभी निर्माणदायी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क एवं पेयजल से संबंधित सभी परियोजनाएं अक्टूबर माह तक हर हाल में पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन हो तथा किसी भी स्तर पर ढिलाई पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लैंडस्लाइड ट्रीटमेंट के कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए, ताकि वर्षाकाल में मार्ग सुरक्षित एवं सुचारु बने रहें। उन्होंने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने तथा पीएमजीएसवाई एवं लोक निर्माण विभाग को वर्षा से बंद होने वाले सभी मोटर मार्गों को 24 घंटे के भीतर खोलने के निर्देश दिए। साथ ही अधिक भूस्खलन प्रभावित स्थलों का फोटोग्राफ सहित विवरण प्रस्तुत कर उनके स्थायी उपचार की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

20 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई, स्वास्थ्य, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बाल विकास, पशुपालन सहित अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले विभागों को कार्ययोजना बनाकर शीघ्र लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट व्यय करना नहीं, बल्कि धरातल पर गुणवत्तापूर्ण परिणाम देना है। इसलिए प्रत्येक विभाग नियमित समीक्षा करते हुए कार्यों में गति लाए और समयबद्ध ढंग से लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, एसीएमओ डॉ. विनय त्यागी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग विवेक सेमवाल, रीना नेगी, जल संस्थान टी.एस. रावत, विद्युत विभाग अभिनव रावत, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कम उम्र में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, जानिए कौन-सी आदतें बन रही हैं वजह https://khabardanadan.com/risk-of-heart-disease-rising-at-a-younger-age-find-out-which-habits-are-the-cause/ https://khabardanadan.com/risk-of-heart-disease-rising-at-a-younger-age-find-out-which-habits-are-the-cause/#respond Wed, 22 Jul 2026 10:55:53 +0000 https://khabardanadan.com/?p=18117

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में हृदय रोग केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गए हैं। बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और बढ़ते तनाव के कारण कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और कार्डियक अरेस्ट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते दैनिक आदतों में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में युवाओं में हृदय संबंधी बीमारियां और तेजी से बढ़ सकती हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, आनुवंशिक कारणों के अलावा हमारी रोजमर्रा की कई गलत आदतें दिल को नुकसान पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। घंटों बैठे रहना, जंक फूड का अधिक सेवन, धूम्रपान, पर्याप्त नींद न लेना और शारीरिक गतिविधियों की कमी धीरे-धीरे हृदय की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। यही वजह है कि विशेषज्ञ कम उम्र से ही हार्ट हेल्थ पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनियाभर में सबसे अधिक मौतें हृदय रोगों के कारण होती हैं। भारत में भी बदलती जीवनशैली, मोटापा, तनाव और डायबिटीज जैसी समस्याओं ने हृदय रोगों का खतरा बढ़ा दिया है। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया है।

बढ़ रहा है हृदय रोगों का खतरा

विशेषज्ञ बताते हैं कि दिल पूरे शरीर में रक्त पहुंचाने का काम करता है। लेकिन जब धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और फैट जमा होने लगता है या ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रहता है, तो हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कई बार ये समस्याएं लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती रहती हैं।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के एक अध्ययन में भी सामने आया है कि भारत के अधिकांश वयस्कों में कोलेस्ट्रॉल या रक्त में फैट का कम से कम एक स्तर सामान्य सीमा से बाहर पाया गया, जो भविष्य में हृदय रोगों का कारण बन सकता है।

किन आदतों से बढ़ता है खतरा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सामान्य दिखने वाली आदतें धीरे-धीरे दिल को कमजोर कर सकती हैं।

लंबे समय तक बैठे रहना: लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करने से शरीर की कैलोरी कम खर्च होती है, जिससे मोटापा, हाई ब्लड शुगर और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है। इससे हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है।

जंक और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन: पिज्जा, बर्गर, पैकेट वाले स्नैक्स और तले-भुने खाद्य पदार्थों में नमक, चीनी और अनहेल्दी फैट अधिक होता है। इनका नियमित सेवन ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को बढ़ा सकता है।

तंबाकू और धूम्रपान: सिगरेट या किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।

व्यायाम की कमी: नियमित शारीरिक गतिविधि न करने से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की हल्की या मध्यम एक्सरसाइज दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

लगातार तनाव: लंबे समय तक मानसिक तनाव रहने से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हृदय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

पर्याप्त नींद न लेना: रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद न मिलने पर हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

नियमित जांच भी है जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं अक्सर बिना किसी लक्षण के विकसित होती हैं। इसलिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी है। जिन लोगों के परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्टों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार)

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उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव https://khabardanadan.com/sanskrit-commission-to-be-set-up-in-uttarakhand-government-seeks-suggestions/ https://khabardanadan.com/sanskrit-commission-to-be-set-up-in-uttarakhand-government-seeks-suggestions/#respond Wed, 22 Jul 2026 10:47:53 +0000 https://khabardanadan.com/?p=18114

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार, राज्य में संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और आधुनिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड संस्कृत आयोग के गठन की तैयारी कर रही है। आयोग के गठन को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए देशभर के संस्कृत विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों, विश्वविद्यालयों, गुरुकुलों, संस्कृत संस्थानों तथा संस्कृत प्रेमियों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक व्यक्ति और संस्थान 10 अगस्त 2026 तक ई-मेल के माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं।

संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड ने वर्ष 2010 में संस्कृत को राज्य की द्वितीय राजभाषा का दर्जा देकर देश में नई पहल की थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिसंबर 2025 में हरिद्वार में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में संस्कृत के संरक्षण और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्चस्तरीय संस्कृत आयोग बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसी के बाद 15 जुलाई 2026 को सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में आयोग के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

प्रस्तावित आयोग संस्कृत शिक्षा, शोध, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण, भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक एवं शास्त्रीय अध्ययन, संस्कृत आधारित कौशल विकास और रोजगार, प्रशासन तथा तकनीकी क्षेत्रों में संस्कृत के उपयोग के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल माध्यमों में संस्कृत की संभावनाओं पर भी कार्य करेगा। आयोग संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए दीर्घकालिक नीतियां और कार्ययोजनाएं तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से है, जिसमें संस्कृत का विशेष स्थान है। संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की आधारशिला है। राज्य सरकार इसे जन-जन तक पहुंचाने और समय के अनुरूप नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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‘टॉक्सिक’ का नया गाना ‘मदहोश’ हुआ रिलीज, यश और तारा सुतारिया की केमिस्ट्री ने जीता दिल https://khabardanadan.com/madhosh-the-new-song-from-toxic-has-been-released-yash-and-tara-sutarias-chemistry-has-won-hearts/ https://khabardanadan.com/madhosh-the-new-song-from-toxic-has-been-released-yash-and-tara-sutarias-chemistry-has-won-hearts/#respond Wed, 22 Jul 2026 10:00:46 +0000 https://khabardanadan.com/?p=18111

साउथ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ रिलीज से पहले लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म के ट्रेलर और पहले गाने के बाद अब मेकर्स ने इसका दूसरा रोमांटिक ट्रैक ‘मदहोश’ जारी कर दिया है। रिलीज होते ही यह गाना सोशल मीडिया और म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। गाने में यश के साथ तारा सुतारिया की रोमांटिक केमिस्ट्री दर्शकों का ध्यान खींच रही है।

‘मदहोश’ को गायक सिद्धार्थ बसरूर ने अपनी आवाज दी है, जबकि इसका संगीत तनिष्क बागची, फहीम अब्दुल्ला और अरसलान निजामी ने तैयार किया है। गाने के बोल अरसलान निजामी और सैयद मुराद गिलानी ने लिखे हैं। मधुर धुन और आकर्षक विजुअल्स की वजह से यह ट्रैक दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है।

करीब 3 मिनट 14 सेकंड लंबे इस वीडियो सॉन्ग में यश के किरदार राया और तारा सुतारिया के किरदार रिबेका के रिश्ते की अलग-अलग झलक दिखाई गई है। गाने में दोनों के बीच पहली मुलाकात, प्यार, रोमांस और रिश्ते में आने वाले उतार-चढ़ाव को खूबसूरती से फिल्माया गया है। वीडियो में कियारा आडवाणी और नयनतारा की झलक भी देखने को मिलती है, जिससे फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

इससे पहले फिल्म का पहला गाना ‘तबाही’ रिलीज हुआ था, जिसमें यश और कियारा आडवाणी की जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा था। अब ‘मदहोश’ के रिलीज होने के बाद फिल्म के संगीत को लेकर भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

‘टॉक्सिक’ का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक गीतू मोहनदास ने किया है। फिल्म में यश के अलावा नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कन्नड़ और अंग्रेजी में शूट की गई इस फिल्म को हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम सहित कई भाषाओं में रिलीज किया जाएगा।

(साभार)

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एकल महिला स्वरोजगार योजना: 212 नई महिलाओं को मिली सहायता राशि, 276 को जारी हुई दूसरी किस्त https://khabardanadan.com/self-employment-scheme-for-single-women-212-new-women-received-financial-assistance-second-installment-released-for-276/ https://khabardanadan.com/self-employment-scheme-for-single-women-212-new-women-received-financial-assistance-second-installment-released-for-276/#respond Wed, 22 Jul 2026 09:46:07 +0000 https://khabardanadan.com/?p=18108

देहरादून। मुख्य सेवक सदन, कैंट रोड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण में 212 महिलाओं को सहायता राशि की पहली किस्त जारी की गई। इसके अतिरिक्त 276 लाभार्थियों को दूसरी किस्त के रूप में एक करोड़ 20 लाख रुपए से अधिक दिए गए।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की एकल, निराश्रित, परित्यक्ता एवं विधवा महिलाओं को उनके गांव व क्षेत्र में ही स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की एकल व निराश्रित महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना हमारी सरकार की प्राथमिक प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं अपने ही क्षेत्र में रोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने योजना की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में मील का पत्थर साबित हो रही है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आज द्वितीय चरण के अंतर्गत 8 जनपदों की 212 पात्र महिलाओं को स्वरोजगार हेतु प्रथम किस्त के रूप में सहायता राशि स्वीकृत कर दी गई है। इसके साथ ही, पूर्व में लाभान्वित 276 महिलाओं को सहायता राशि की दूसरी किस्त भी जारी की गई है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारी सरकार कृषि, पशुपालन, ब्यूटी पार्लर व सिलाई जैसे विभिन्न व्यवसायों हेतु 75 प्रतिशत तक का विभागीय अनुदान दे रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य की महिलाएं न केवल स्वावलंबी बन रही हैं, बल्कि समाज में एक सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।

योजना की प्रगति और आंकड़ों की बात करें तो 10 फरवरी 2026 को आयोजित प्रथम चरण में 6 जनपदों की 484 महिलाओं को सशक्त उद्यमी बनाने के उद्देश्य से ₹3,45,34,500 की 50 प्रतिशत प्रथम किस्त जारी की गई थी। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए 22 जुलाई 2026 को आयोजित द्वितीय चरण के कार्यक्रम में अल्मोड़ा, चंपावत, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी एवं देहरादून की 212 नई पात्र महिलाओं के लिए ₹1,55,44,000 की प्रथम किस्त (50%) स्वीकृत की गई। इसके अतिरिक्त, प्रथम चरण की लाभार्थियों में से समीक्षा के उपरांत देहरादून (182), नैनीताल (71) एवं टिहरी (23) जनपद की कुल 276 महिलाओं को ₹1,20,76,875 की 30 प्रतिशत द्वितीय किस्त भी अवमुक्त कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 2 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर सरकार द्वारा 75 प्रतिशत का अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है, जबकि शेष 25 प्रतिशत अंशदान लाभार्थी महिला का होता है।

इस अवसर पर विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी, अंजना गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

मदद मिली तो आगरा का पेठा दून ले आई नीलू जैन
बुधवार को योजना के तहत दूसरी किस्त लेने आई कांवली रोड देहरादून निवासी नीलू जैन ने बताया कि 2022 में उनके पति की कैंसर से मृत्यु हो गई थी। इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में सहायता राशि मिलने के बाद उन्होंने पेठे की मिठाई बनाने का रोजगार शुरू किया। नीलू ने बताया कि उनका मायका आगरा है और वह आगरा के मशहूर पेठा बनाने की रेसिपी जानती थी । उन्होंने उसी गुणवत्ता और स्वाद वाली पेठे की मिठाई का कारोबार दून में खड़ा कर दिया है।

अपने साथ गरीब लड़कियों को भी रोजगार दे रही सुषमा थापा
सुषमा थापा ने बताया कि कोविड के दौरान उनके पति का देहांत हो गया और बाद में उनका 24 साल का बेटा भी दुनिया से चल बसा तो उनके ऊपर अचानक मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। सुषमा ने बताया कि इस योजना के तहत सहायता राशि मिलने के बाद उन्होंने हस्तशिल्प और सिलाई का काम शुरू किया । अब वे अपने साथ-साथ आस पड़ोस में रहने वाली गरीब लड़कियों को भी यह काम सिखा कर रोजगार दे रही हैं।

किस्मत और कैंसर से लड़कर भी खड़ा किया कारोबार
देहरादून के लक्खी बाग निवासी पूजा सेठी ने बताया कि शादी के बाद ससुराल में उन पर असहनीय अत्याचार किए गए, जिसके कारण वह अपने मायके आ गई। 2020 में उन्हें कैंसर हो गया। अपनी बदकिस्मती और कैंसर जैसी बीमारी से लड़ते हुए भी उन्होंने इस योजना के तहत सहायता राशि मिलने के बाद सिलाई का काम शुरू किया। उन्होंने बताया कि अब उनका कामकाज अच्छा चल रहा है और इसकी कमाई से न सिर्फ अपना इलाज करवा पा रही हैं, साथ ही उनकी गुजर बसर भी अच्छी हो रही है।

रोडपति से करोड़पति बनकर दिखाऊंगी
पिथौरागढ़ की बसंती देवी को भी बुधवार को सहायता राशि की पहली किस्त प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि वैवाहिक जीवन में जब उन्हें अपनी जिंदगी पर ही संकट आता दिखा तो उन्होंने खुद को पति से अलग कर लिया। ससुराल में उन्होंने अच्छा खासा बुटीक संचालित कर रखा था लेकिन फिर वह अचानक सड़क पर आ गई। बसंती ने बताया कि कई साल तक वह दूसरों की दुकानों में काम करके गुजारा करती रही। अब इस योजना के तहत सहायता मिलने के बाद वह फिर से अपना बुटीक का काम शुरू कर पाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अपनी लगन और मेहनत के दम पर एक दिन रोडपति से करोड़पति तक का सफर तय करके दिखाएंगी

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विकासनगर में सनसनी: कमरे से युवक का शव और गंभीर हालत में मिली महिला https://khabardanadan.com/sensation-in-vikasnagar-young-mans-body-and-woman-in-critical-condition-found-in-room/ https://khabardanadan.com/sensation-in-vikasnagar-young-mans-body-and-woman-in-critical-condition-found-in-room/#respond Wed, 22 Jul 2026 08:38:37 +0000 https://khabardanadan.com/?p=18105

महिला अस्पताल में भर्ती; हर पहलू से जांच कर रही पुलिस

देहरादून। देहरादून जिले के विकासनगर कोतवाली क्षेत्र स्थित कल्याणपुर में एक कमरे से युवक का शव और एक महिला के गंभीर रूप से घायल मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में मामला गोली लगने का सामने आया है, हालांकि घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान कमलेश, निवासी हयोटंगरी, चकराता के रूप में हुई है। वहीं गंभीर रूप से घायल महिला की पहचान संगीता, निवासी बुटानू, जनपद उत्तरकाशी के रूप में हुई है। महिला को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए देहरादून रेफर कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कमरे से अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कमरे के अंदर कमलेश खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ा था, जबकि संगीता गंभीर रूप से घायल मिली। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कमलेश का संगीता के यहां अक्सर आना-जाना था। हालांकि दोनों के बीच क्या संबंध थे और घटना की वजह क्या रही, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

घटना की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और आवश्यक सबूत कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

प्रारंभिक स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि युवक ने पहले महिला को गोली मारी और बाद में खुद को गोली मार ली, लेकिन पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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कल से शुरू हो रही भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज https://khabardanadan.com/three-match-t20-series-between-india-and-zimbabwe-starting-tomorrow/ https://khabardanadan.com/three-match-t20-series-between-india-and-zimbabwe-starting-tomorrow/#respond Wed, 22 Jul 2026 07:10:32 +0000 https://khabardanadan.com/?p=18102

युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी सभी की नजरें

नई दिल्ली। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे के खिलाफ नई शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। 23 जुलाई से हरारे में शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज टीम इंडिया के लिए सिर्फ जीत दर्ज करने का ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास हासिल करने का भी बड़ा अवसर मानी जा रही है। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे ने भी मुकाबले से पहले साफ कर दिया है कि वह भारत को कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सीरीज शुरू होने से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि दोनों टीमों के पास सीरीज जीतने के बराबर अवसर हैं। उनका मानना है कि जिम्बाब्वे पिछले कुछ समय से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल रहा है और टीम बदलाव के दौर से गुजरते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। रजा ने भरोसा जताया कि यह सीरीज एकतरफा नहीं होगी और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की तरह जिम्बाब्वे भी नई टीम तैयार कर रहा है, इसलिए दोनों पक्षों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

भारतीय टीम की कमान एक बार फिर श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी। कप्तान बनने के बाद अय्यर की अगुआई में भारत आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवा चुका है, ऐसे में जिम्बाब्वे दौरा उनके लिए कप्तानी में पहली सीरीज जीत दर्ज करने का अहम मौका होगा। बल्लेबाज के तौर पर अय्यर का प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन अब उनसे कप्तानी में भी प्रभाव छोड़ने की उम्मीद की जा रही है।

टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों पर भी इस दौरे में खास नजर रहेगी। शीर्ष क्रम में वैभव सूर्यवंशी के पास खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर होगा, जबकि मध्यक्रम में रिंकू सिंह की वापसी बल्लेबाजी को मजबूती दे सकती है। गेंदबाजी विभाग में चोट के बाद वापसी कर रहे तेज गेंदबाज मयंक यादव पर सभी की नजरें रहेंगी। इसके अलावा अशोक शर्मा और यश ठाकुर जैसे युवा तेज गेंदबाजों को भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक खेले गए 10 टी20 मुकाबलों में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है। भारत ने सात मैच जीते हैं, जबकि जिम्बाब्वे को तीन मुकाबलों में सफलता मिली है। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए दोनों टीमें इस सीरीज को अपने लिए महत्वपूर्ण मान रही हैं।

तीन मैचों की टी20 सीरीज के मुकाबले 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। सभी मैच भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होंगे।

जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम:
श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे, ईशान किशन (विकेटकीपर), प्रभसिमरन सिंह, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, मयंक यादव, अशोक शर्मा और रवि बिश्नोई।

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देहरादून महायोजना-2041 पर जनता को मिला एक और मौका https://khabardanadan.com/public-gets-another-opportunity-regarding-dehradun-master-plan-2041/ https://khabardanadan.com/public-gets-another-opportunity-regarding-dehradun-master-plan-2041/#respond Wed, 22 Jul 2026 05:45:44 +0000 https://khabardanadan.com/?p=18099

25 जुलाई से एक सप्ताह तक एमडीडीए कार्यालय में फिर लगेगा विशेष कैंप

जनसुविधा के दृष्टिगत देहरादून महायोजना-2041 पर सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त करने हेतु एमडीडीए कार्यालय में पुनः विशेष कैंप

देहरादून– मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून महायोजना-2041 (प्रारूप) को लेकर आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बार फिर नागरिकों को अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने का अवसर देने का निर्णय लिया है। जिन नागरिकों, भू-स्वामियों, संस्थाओं और अन्य हितधारकों द्वारा किसी कारणवश निर्धारित अवधि के दौरान अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज नहीं कराई जा सकीं, उनके लिए 25 जुलाई 2026 से एक सप्ताह तक एमडीडीए कार्यालय में विशेष कैंप आयोजित किया जाएगा।

25 जुलाई से प्राधिकरण कार्यालय में पुनः लगेगा विशेष कैंप

एमडीडीए द्वारा 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित सुनवाई शिविरों के उपरांत अब 25 जुलाई 2026 से एक सप्ताह तक प्राधिकरण कार्यालय में पुनः विशेष कैंप लगाया जाएगा। इस कैंप के माध्यम से ऐसे नागरिक, भू-स्वामी, संस्थाएं एवं अन्य हितधारक, जो पूर्व निर्धारित तिथियों में किसी कारणवश अपनी आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत नहीं कर सके, वे सीधे प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर अपने सुझाव एवं आपत्तियां लिखित रूप में दर्ज करा सकेंगे।

6 से 21 जुलाई तक चली व्यापक सुनवाई

एमडीडीए द्वारा 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में सुनवाई शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में बड़ी संख्या में नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों और अन्य हितधारकों ने भाग लेकर महायोजना-2041 के प्रारूप पर अपने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत कीं। अधिकारियों ने प्रत्येक पक्ष को विस्तार से सुना और सभी सुझावों को रिकॉर्ड किया, ताकि अंतिम महायोजना तैयार करते समय स्थानीय आवश्यकताओं और जनभावनाओं को समुचित स्थान मिल सके।

जो नहीं पहुंच सके, उनके लिए फिर खुला अवसर

एमडीडीए का कहना है कि कई नागरिक व्यक्तिगत, व्यावसायिक अथवा अन्य कारणों से निर्धारित तिथियों में अपने सुझाव दर्ज नहीं करा सके। इसे देखते हुए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर एक सप्ताह का विशेष कैंप आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान कोई भी पात्र व्यक्ति प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर अपनी आपत्ति या सुझाव लिखित रूप में जमा कर सकता है।

जनभागीदारी से तैयार होगी भविष्य की विकास योजना

देहरादून महायोजना-2041 शहर के भविष्य के विकास की महत्वपूर्ण रूपरेखा है। इसमें आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, हरित क्षेत्र, परिवहन, आधारभूत सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल हैं। एमडीडीए का मानना है कि जनसहभागिता के बिना कोई भी महायोजना प्रभावी नहीं हो सकती। इसलिए प्रत्येक सुझाव का परीक्षण कर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाएगा।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की विकास दृष्टि है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की राय इस योजना को अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जिन लोगों से किसी कारणवश पहले अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज नहीं हो सकीं, उन्हें एक और अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों, भू-स्वामियों, संस्थाओं और हितधारकों से अपील की कि वे 25 जुलाई से शुरू होने वाले विशेष कैंप में पहुंचकर अपनी बात रखें, ताकि अंतिम महायोजना व्यापक जनभागीदारी के साथ तैयार की जा सके।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि 25 जुलाई से एक सप्ताह तक प्राधिकरण कार्यालय में विशेष कैंप संचालित किया जाएगा। इस अवधि में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां एवं सुझाव दर्ज कराएं, जिससे महायोजना-2041 को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाया जा सके।

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उत्तराखंड में पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला, 9 दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5-5 लाख, 3 वरिष्ठ पत्रकारों को मिलेगी सम्मान पेंशन https://khabardanadan.com/major-decision-in-uttarakhand-for-the-welfare-of-journalists-dependents-of-nine-deceased-journalists-to-receive-%e2%82%b95-lakh-each-and-three-senior-journalists-to-get-an-honorary-pension/ https://khabardanadan.com/major-decision-in-uttarakhand-for-the-welfare-of-journalists-dependents-of-nine-deceased-journalists-to-receive-%e2%82%b95-lakh-each-and-three-senior-journalists-to-get-an-honorary-pension/#respond Wed, 22 Jul 2026 05:04:28 +0000 https://khabardanadan.com/?p=18096

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में सूचना निदेशालय में पत्रकार कल्याण कोष (कॉरपस फंड) एवं मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पत्रकार कल्याण कोष से 9 दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की संस्तुति की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत 3 वरिष्ठ पत्रकारों को ₹8,000 प्रतिमाह सम्मान पेंशन दिए जाने की भी सिफारिश की गई।

बैठक के दौरान सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण और सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संकटग्रस्त पत्रकारों और उनके आश्रितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समितियों की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं और सभी मामलों का संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जा रहा है।

बैठक में अपर निदेशक आशीष कुमार त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, वरिष्ठ वित्त अधिकारी शशि सिंह तथा समिति के सदस्य लक्ष्मण सिंह नेगी, अमित शर्मा और शशि शर्मा मौजूद रहे।

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