Uttarakhand

SDRF ने बीन नदी में फंसे दो यात्रियों और जंगल में फंसे छह छात्रों को सकुशल निकाला

6 किलोमीटर पैदल चलकर SDRF ने किया रेस्क्यू, बारिश में जंगल में फंसे थे UPES के छात्र

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच नदियों का जलस्तर बढ़ने से रेस्क्यू अभियान तेज हो गए हैं। ऋषिकेश और देहरादून में SDRF की टीमों ने अलग-अलग घटनाओं में नदी के तेज बहाव और दुर्गम जंगल क्षेत्र में फंसे आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

ऋषिकेश में सोमवार देर रात एक मैक्स वाहन बीन नदी के तेज बहाव में फंस गया। वाहन में सवार दो यात्री अचानक बढ़े जलस्तर के कारण नदी के बीच फंस गए और उनके सामने बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। सूचना मिलने के बाद रात करीब 10 बजे SDRF की टीम मौके पर पहुंची। जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वहीं, देहरादून के मिसरास पट्टी स्थित थान गांव क्षेत्र में स्वारना नदी के आसपास ट्रैकिंग के लिए गए UPES के छह छात्र अचानक तेज बारिश के बाद जंगल में फंस गए। 17 अगस्त को ट्रैकिंग के दौरान बारिश तेज होने से स्वारना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिसके चलते छात्रों ने जंगल में ही रुकना पड़ा।

सूचना मिलते ही SDRF डाकपत्थर की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और नदी के बढ़े जलस्तर के बीच जवानों ने करीब छह किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर छात्रों तक पहुंच बनाई। इसके बाद सभी छह छात्रों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। सभी छात्रों की हालत सामान्य बताई गई है।

SDRF सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बारिश के मौसम में पर्यटकों और छात्रों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नदी-नालों के आसपास जाने से बचना चाहिए और ट्रैकिंग या पर्यटन पर निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान जरूर देख लेना चाहिए। खराब मौसम के दौरान जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *